” पांव पखार मोदी ने एक विशेष कालखंड के धब्बे का कलंक भी साफ किया, प्रयाग के अर्धकुम्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सफाई कार्य में लगे स्वच्छता ग्राहीयों का पांव पखार कर एक विशेष कालखंड में भारतीय संस्कृति एवं भारतीयता के माथे पर लगा बदनुमा काले धब्बे की सफाई कर देश को नए युग के दहलीज पर खड़ा कर दिया है, भारतीय सनातन परंपरा में ऊंच-नीच तथा छुआछूत का एक काला धब्बा किसी कालखंड के एक छोटे भू-भाग से ही भारतीयता को शर्मसार करती रही है तथा इस काले धब्बे का उल्लेख करते हुए पाश्चात्य प्रभावित कुछ कथित प्रगतिशील बुद्धिजीवियों ने गाहे-बेगाहे भारतीय धर्म परंपरा का मौका मिलते ही उपहास उड़ाने का प्रयास किया है, पूर्व के किसी छोटे भूभाग एवं कालखंड के गलती का फायदा उठाकर विदेशी ताकतों ने धर्मांतरण, राष्ट्रान्तरण तथा देश की राज्य सत्ता पर कब्जा करने का अनेक बार प्रयास भी किया है , भारतीय संस्कृति का प्रतीक स्थल प्रयागराज के संगम तट पर सामाजिक रूप से सबसे निम्न कार्य में रत साधकों का दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के शक्तिशाली पुरुष द्वारा पांव पखारना भारत को एक नए युग में प्रवेश कराने का शंखनाद के साथ उपनिषदों एवं ऋषियो के संदेश का मूर्त उपासना है । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संगम तट पर भारत के माथे पर लगे काले धब्बे (सामाजिक कलंक) को धोकर भारत माता के चेहरे पर पुनः क्रांति लाने का प्रयास किया है , सियाराम मय सब जग जानी । करहु प्रणाम जोर जुग पानी ।। भारतीय समाज मोदी का ऋणी रहेगा । मदन गोविन्द राव पूर्व विधायक कुशीनगर(ऊ.प्र. )

Dharamshamda Times March 12, 2019 ताजा खबरें,

” पायलट को रिहा कर पाक ने जंग के विकल्प को सीमित किया, भारत को मोस्ट वांटेड आतंकियों को सौंपने की मांग करनी चाहिए ” पाकिस्तान सरकार ने कूटनीतिक दांव चलते हुए कब्जे में रखे गए भारतीय पायलट अभिनंदन को दो दिन बाद ही भारत को सौंप कर एक तीर से अनेक शिकार करने का प्रयास किया है,जेनेवा संधि का पालन कर अंतरराष्ट्रीय बिरादरी के सामने अपना सभ्य एवं मानवीय चेहरा प्रस्तुत किया है वहीं भारत द्वारा किए जाने वाले संभावित बड़ी सैन्य कार्रवाई को थामने का भी प्रयास किया है, भारत सरकार को सैन्य दबाव बनाए रखने के लिए मुंबई, पठानकोट, पुलवामा आदी हमलों के गुनाहगारों को ट्रायल हेतु भारत को सौंपने या किसी तीसरे देश में ट्रायल चलाने की मांग करनी चाहिए तथा हर हाल पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ढांचा को पूरी तरह खत्म कराने का प्रभावी अभियान चलाते रहना चाहिए, परिस्थिति वश यदि दोनों देश आतंक को संपूर्ण रूप से खत्म करने का संकल्प भी ले ले, तो भी आतंकी गतिविधि को रातों-रात समाप्त नहीं किया जा सकता है, पाकिस्तानी शासन को अपने देश में जोखिम भरे साहसिक निर्णय करने पड़ेंगे, तथा भारत को भी कश्मीर में बंदूक एवं विचारधारा के स्तर पर लड़ना होगा साथ ही अलगाववाद को संरक्षण देने वाले संवैधानिक प्रावधानों (370 एवं 35A) का विकल्प तलाशना होगा, कश्मीर के अंदर अनेक प्रकार की विचारधारा, संकीर्ण हितो वाले गुटों का अद्भुत घालमेल हो चुका है जिसमें तमाम राजनीतिक सामाजिक संगठन एवं सरकारी तंत्र में मौजूद लोग शरीक हैं जो किसी भी तरह वहां पूर्णत: अमन चैन एवं संघ के साथ भावनात्मक एकीकरण नहीं होने देना चाहते हैं, आजादी बाद से ही केंद्र सरकार की नासमझी कायराना कमजोरी तथा अलगाववाद की आड़ में पनप रही गंभीर चुनौती को समझने में विफलता ने कश्मीर में जटिल हालात बना दिया है केंद्र सरकार को जोखिम उठाते हुए परंपरागत एवं गैर परंपरागत रास्तों से कश्मीर के हालात से निपटना पड़ सकता है , भारत के रणनीतिकारों एवं नीति-नियंताओं को पाकिस्तान के वास्तविक मन्शा का सुक्ष्म विश्लेषण करते हुए आगे कदम बढ़ाना चाहिए, पाक का सैन्य प्रतिष्ठान मोदी सरकार के मजबूत इरादों को समझ लिया है तथा विश्व बिरादरी के रुख को भी भांप लिया है इस कारण तात्कालिक खतरा टालकर अनुकूल हालात के प्रतीक्षा की रणनीति भी अपना सकता है भारत ने यदि सख्त रुख बरकरार रखा तो संभवतया विश्व बिरादरी पाकिस्तान स्थित आतंकी सरगनाओं पर किसी अन्य मुल्क या अंतरराष्ट्रीय ट्रिब्यूनल के समकक्ष आतंकी सरगनाओं को पेश करने हेतु मजबूर कर दे । मदन गोविन्द राव पूर्व विधायक कुशीनगर (ऊ.प्र.)

Dharamshamda Times March 6, 2019 ताजा खबरें,

” पायलट को रिहा कर पाक ने जंग के विकल्प को सीमित किया,

भारत को मोस्ट वांटेड आतंकियों को सौंपने की मांग करनी चाहिए ”

पाकिस्तान सरकार ने कूटनीतिक दांव चलते हुए कब्जे में रखे गए भारतीय पायलट अभिनंदन को दो दिन बाद ही भारत को सौंप कर एक तीर से अनेक शिकार करने का प्रयास किया है,जेनेवा संधि का पालन कर अंतरराष्ट्रीय बिरादरी के सामने अपना सभ्य एवं मानवीय चेहरा प्रस्तुत किया है वहीं भारत द्वारा किए जाने वाले संभावित बड़ी सैन्य कार्रवाई को थामने का भी प्रयास किया है,
भारत सरकार को सैन्य दबाव बनाए रखने के लिए मुंबई, पठानकोट, पुलवामा आदी हमलों के गुनाहगारों को ट्रायल हेतु भारत को सौंपने या किसी तीसरे देश में ट्रायल चलाने की मांग करनी चाहिए तथा हर हाल पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ढांचा को पूरी तरह खत्म कराने का प्रभावी अभियान चलाते रहना चाहिए, परिस्थिति वश यदि दोनों देश आतंक को संपूर्ण रूप से खत्म करने का संकल्प भी ले ले, तो भी आतंकी गतिविधि को रातों-रात समाप्त नहीं किया जा सकता है,
पाकिस्तानी शासन को अपने देश में जोखिम भरे साहसिक निर्णय करने पड़ेंगे, तथा भारत को भी कश्मीर में बंदूक एवं विचारधारा के स्तर पर लड़ना होगा साथ ही अलगाववाद को संरक्षण देने वाले संवैधानिक प्रावधानों (370 एवं 35A) का विकल्प तलाशना होगा,
कश्मीर के अंदर अनेक प्रकार की विचारधारा, संकीर्ण हितो वाले गुटों का अद्भुत घालमेल हो चुका है जिसमें तमाम राजनीतिक सामाजिक संगठन एवं सरकारी तंत्र में मौजूद लोग शरीक हैं जो किसी भी तरह वहां पूर्णत: अमन चैन एवं संघ के साथ भावनात्मक एकीकरण नहीं होने देना चाहते हैं,
आजादी बाद से ही केंद्र सरकार की नासमझी कायराना कमजोरी तथा अलगाववाद की आड़ में पनप रही गंभीर चुनौती को समझने में विफलता ने कश्मीर में जटिल हालात बना दिया है केंद्र सरकार को जोखिम उठाते हुए परंपरागत एवं गैर परंपरागत रास्तों से कश्मीर के हालात से निपटना पड़ सकता है ,
भारत के रणनीतिकारों एवं नीति-नियंताओं को पाकिस्तान के वास्तविक मन्शा का सुक्ष्म विश्लेषण करते हुए आगे कदम बढ़ाना चाहिए,
पाक का सैन्य प्रतिष्ठान मोदी सरकार के मजबूत इरादों को समझ लिया है तथा विश्व बिरादरी के रुख को भी भांप लिया है इस कारण तात्कालिक खतरा टालकर अनुकूल हालात के प्रतीक्षा की रणनीति भी अपना सकता है भारत ने यदि सख्त रुख बरकरार रखा तो संभवतया विश्व बिरादरी पाकिस्तान स्थित आतंकी सरगनाओं पर किसी अन्य मुल्क या अंतरराष्ट्रीय ट्रिब्यूनल के समकक्ष आतंकी सरगनाओं को पेश करने हेतु मजबूर कर दे ।

मदन गोविन्द राव
पूर्व विधायक
कुशीनगर (ऊ.प्र.)

पूर्व माध्यमिक विद्यालय ब्रिजलाल खड़ा कि तरफ से गणतंत्र दिवस कि हार्दिक शुभकामनायें

Dharamshamda Times January 29, 2019 ताजा खबरें,